पांच चकरो का ध्यान | Meditation of five chakras | RAJNEESH HINDI SPEECH – RAJNEESH HINDI PRAVACHAN

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पांच चकरो का ध्यान !! Meditation of five chakras | panch chakra ka dhyan
RAJNEESH HINDI SPEECH – RAJNEESH HINDI PRAVACHAN

Osho Teachings, Learn Meditation from Master Osho, In his discourse he told about this type of meditation . This meditation is very powerful and simple . Rajneesh Hindi Speech,Rajnish hind,
Meditation technique by great master OSHO
When Osho was at age of 21 then he was doing some meditation . In his discourse he told about this type of meditation . This meditation is very powerful and simple .

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Bhagwan Shree Rajneesh

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23 COMMENTS

  1. the TRUTH about the group. they were and still are a SEX cult. Osho had them wear surgical gloves during sex to prevent STDs. I have been living here in India for quite some time now….yes, Osho is here…if you go to their largest commune you have to be tested for AIDS at the entrance. mr. Osho was deported from the US for tax evasion. his followers of the day were not your typical 'hippie'…those kids were from rich famlies. that's why mr. Osho rode around in a Rolls…the kids bought it for him…all seven of them. A little materialism Mr. Osho?
    oh, by the way did you ever wonder why Osho always wore a ski cap…because he was completely bald. there's the ego, the block to real spirtiitual liberation he has a few more lifetimes to go thru

  2. The buddha is a creation of your nature.don't look outside your body.When you are blind to your own nature, the buddha is an ordinary being. When you're aware of your own nature, an ordinary being is a Buddha. The bodiless form is concealed in the body.He who knows this is therein released. An excellent pravachan by Osho. kochar

  3. 'ध्वनि प्रदूषण' बड़े-बड़े नगरों में गंभीर समस्या बनकर सामने आ रहा है। अनेक प्रकार के लाउडस्पीकर के शोर ने ध्वनि प्रदूषण को जन्म दिया है। इससे लोगों में बधिरता, सरदर्द आदि बीमारियाँ पाई जाती हैं। प्रदूषण को रोकने के लिए वायुमंडल को साफ-सुथरा रखना परमावश्यक है। आज धर्म के नाम पर लाउडस्पीकरों में प्रार्थना संबंधी ध्वनियाँ लगी जाती हैं। लोगों का विश्वास होता है कि सुबह तथा शाम को भगवान का नाम सुनने से पाप कटते हैं और मन को शांति मिलती है। इससे लोगों की धर्म के नाम पर आस्था बढ़ती है तथा घर का शुद्धि करण होता है। शायद यह सत्य भी हो। लेकिन क्या यह पूर्ण सत्य है। मनुष्य का मन हर समय ऐसा नहीं होता कि वह किसी भी प्रकार की ध्वनि को सुने। अनावश्यक ध्वनि फिर वह धार्मिक बातों से संबंधित न हो परेशान करती है। एक मरीज के लिए तो यह अहितकारी है। धर्म के ठेकेदार ऐसा नहीं समझते हैं। उन्हें बस इन्हें चलाना ही है। क्या ईश्वर को याद करने के लिए मन में सुमिरण करना श्रेयकर नहीं है। इस आस्था को लोगों की श्रद्ध पर छोड़ देना चाहिए। ज़ोर-जोर से लाउडस्पीकर पर चलाकर अनावश्यक शोर नहीं करना चाहिए।

  4. जानकारी के मुताबिक केरल सुन्नी महालु फेडरेशन ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर पाबंदी लगाने की अपील की है। इस फेडरेशन से 8,000 मस्जिद कमिटियां जुड़ी हैं। फेडरेशन की कोझिकोड़ में बैठक हुई थी। इस बैठक में बात हुई कि लाउडस्पीकर के कराण हमें शोर पैदा नहीं करना चाहिए। इसका इस्तेमाल सीमित रूप से होना चाहिए। प्रार्थना और घोषणाओं से ज्यादा लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

  5. Please, please, please, se você, REALMENTE, gosta do OSHO, por favor, digite no youtube:
    OSHO MEU AMIGO 1,2,3… a verdadeira história do nosso amigo!
    Fernando Salinas- ONG “ A CIÊNCIA DO NADA”.

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